भाषा का निर्माण सेक्रेटरियट में नहीं होता, भाषा गढ़ी जाती है जनता की जिह्वा पर। - रामवृक्ष बेनीपुरी।

मंजुल भटनागर

मंजुल भटनागर ने यूं तो विभिन्न विधाओं में साहित्य-सृजन किया है लेकिन बाल साहित्य में आपने विशेष योगदान दिया है। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।