रोहित कुमार 'हैप्पी' अपनी खोजी पत्रकारिता, वेब पत्रकारिता और शोधपरक लेखन के लिए जाने जाते हैं। हिंदी की विभिन्न विधाओं में सृजनरत हैं।
शिक्षा
न्यूज़ीलैंड से पत्रकारिता, मल्टीमीडिया, इंवेस्टिगेटिव सर्विसिस, ग्राफिक्स व वेब डिवेलपमेंट में प्रशिक्षित। न्यूज़ीलैंड प्रवास से पहले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं।
प्रकाशन
न्यूज़ीलैंड की हिंदी यात्रा, प्रशांत की लोक-कथाएँ, न्यूज़ीलैंड की हिंदी पत्रकारिता का इतिहास, दूसरा रुख (लघुकथा संकलन) प्रकाशित। इसके अतिरिक्त न्यूज़ीलैंड के मूल निवासियों की भाषा ‘माओरी की 101 कहावतों’ का अनुवाद व सम्पादन।
लेखन
पत्रकारिता के अतिरिक्त आप कविता, ग़ज़ल, दोहे, हाइकु, कहानी, लघु-कथा और आलेख लिखते हैं।
संपादन
न्यूज़ीलैंड से प्रकाशित इंटरनेट पर विश्व की सबसे पहली हिन्दी साहित्यिक पत्रिका ‘भारत-दर्शन’ का संपादन।
भारत के उच्चायोग और भारत-दर्शन के प्रकाशन ‘माओरी की 101 कहावतों’ पुस्तक का संपादन।
अन्य
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनेक हिंदी के टूल्स जिनमें वाणी से टंकण, दोहा गणक, दोहा समीक्षक, हाइकु गणक, तांका गणक और सेदोका गणक जैसे टूल्स विकसित किए हैं--
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सम्मान
वर्ष 2020 के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान’ से अलंकृत।
अपनी हिंदी सेवाओं के लिए भारत के उच्चायोग और भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
जनवरी 2026 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ‘प्रशांत क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन’ में भारत सरकार द्वारा हिंदी सेवाओं के लिए सम्मान पत्र।
संपर्क
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