भगवन् हमको ऐसा वर दो। जग के सारे सद्गुण भर दो॥ हम फूलों जैसे मुस्कायें,
ठुमक-ठुमक नाचे कठपुतली सबके मन को मोहे। रंग बिरंगे सुन्दर कपड़े
पापा, मुझे पतंग दिला दो, भैया रोज उड़ाते हैं। मुझे नहीं छूने देते हैं,
जब भी देखूं, आतप हरता। मेरे मन में सपने भरता। जादूगर है, डाले फंदा।
कुण्डलिया मोती बन जीवन जियो, या बन जाओ सीप। जीवन उसका ही भला, जो जीता बन दीप।।
घर में आती जाती चिड़िया । सबके मन को भाती चिड़िया ।। तिनके लेकर नीड़ बनाती ,
सीना ताने खड़ा हिमालय, कहता कभी न झुकना तुम। झर झर झर झर बहता निर्झर,
नई सदी के बच्चे हैं हम मिलकर साथ चलेंगे। प्रगति के रथ को हम मिलकर
देखो, माँ! नभ में आ पहुँचे, ये घनघोर सुघड़ बादल। इन्हें देखकर इतराई, झूमी,