डॉ. वंदना मुकेश | इंग्लैंड साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 6

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सरोज रानियाँ

क्लास में घुस ही रही थी कि मिसेज़ चैडवेल की आवाज़ से मेरे चाबी ढूँढते हाथ अनजाने ही सहम गए।
"दैट्स हाऊ वी टीच! इफ़ यू डोंट लाईक, यू मे गो टू अदर क्लास!"
एक सन्न...

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कैंप गीत

इक नया भारत यहाँ बसाएंगे
नये इस बगीचे को प्यार से सजाएंगे
चुन-चुन के फूल लाएँ

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आधी रात का चिंतन | ललित निबंध

‘सर’ के यहाँ घुसते ही लगा कि शायद घर पर कुछ भूल आई हूँ। लेकिन समझ में नहीं आया। अरे, आप सोच रहे होंगे , ये ‘सर’ कौन हैं? तो बताऊँ कि ‘सर’ हैं डॉ. केशव प...

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वेबिनार | लघुकथा

कोरोना महामारी ने सारी जीवन-शैली ही बदल डाली। विद्याजी को ऊपर से निर्देश मिला है कक्षाएँ ऑनलाइन करवाई जाएँ। चार महीने के लॉकडाउन के बाद कॉलेज खुले और ऊप?...

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कुंभ स्नान | लघुकथा

 
हज़ारों की भीड़ चली जा रही है गंगा-स्नान करने। वह भी उसी भीड़ का हिस्सा है। मन आशंकित है, फिर वह कौनसी शक्ति उसे वहाँ खींचे ले जा रही है। छोटे-से शहर में ?...

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नाकारा सरकार | लघुकथा

दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर भारी भगदड़!  रेलवे के प्लेटफार्म फार्म पर छूटे हुए थैले, चप्पल, अटैचियाँ, बैग, रोते हुए लोग, अपनों को खोने के कारण अर्द्धविक्ष?...

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डॉ. वंदना मुकेश | इंग्लैंड का जीवन परिचय