रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 189

Author Image

हिन्दी–दिवस नहीं, हिन्दी डे

हिन्दी दिवस पर
एक नेता जी
बतिया रहे थे,

पूरा पढ़ें...

न्यू मीडिया

न्यू मीडिया वास्तव में परम्परागत मीडिया का संशोधित रूप है जिसमें तकनीकी क्रांतिकारी परिवर्तन व इसका नया रूप सम्मिलित है। आइए, हिंदी न्यू मीडिया के स्व?...

पूरा पढ़ें...

दोराहा | Doraha

मैं दोराहे के बीच खड़ा था और वे दोनों मुझे डसने को तैयार थे। एक तरफ सांप था और दूसरी तरफ आदमी।
मैंने ज्यादा विचारना उचित नहीं समझा। सोचा सांप शायद जहरीला ?...

पूरा पढ़ें...

हमने कलम उठा नहीं रखी, गीत किसी के गाने को

हमने कलम उठा नहीं रखी, गीत किसी के गाने को॥
हम अपने मन के मालिक हैं
अपने दिल की करते हैं,

पूरा पढ़ें...

न्यूज़ीलैंड एक परिचय

न्यूज़ीलैंड (New Zealand) या आओटियारोआ (Aotearoa - न्यूज़ीलैंड का माओरी नाम) दक्षिण प्रशान्त महासागर में आस्ट्रेलिया के 2000 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इसका कुल ?...

पूरा पढ़ें...

कहावत

-    कैंची मत बजाओ।
-    क्यों?
-    कहते हैं लड़ाई हो जाती है।

पूरा पढ़ें...

मुट्ठी भर रंग अम्बर में

मुट्ठी भर रंग अम्बर में किसने है दे मारा
आज तिरंगा दीखता है अम्बर मोहे सारा
आज ब्रज बन जाएगा नगर अपना सारा

पूरा पढ़ें...

लेखक

जेबकतरे ने उसकी जेब काटी तो लगा था कि काफी माल हाथ लगा है, भारी जान पड़ती थी। देखा तो सब के सब काग़ज़ निकले। काग़ज़ों पर नजर डाली तो तीन कविताएँ, एक कहानी और ...

पूरा पढ़ें...

पागल

शहर में सब जानते थे कि वो पागल है। जब-तब भाषण देने लगता, किसी पुलिस वाले को देख लेता तो कहने लगता, 'ये ख़ाकी वर्दी में लुटेरे हैं। ये रक्षक नहीं भक्षक हैं। गर...

पूरा पढ़ें...

चौबीस घंटे की कथा

[ न्यूजीलैंड श्रम दिवस की ऐतिहासिक कथा ] 
बात 1839 के अंतिम महीनों की है। एक समुद्री जहाज इंग्लैंड से न्यूजीलैंड के लिए रवाना हुआ। 
इसी जहाज में सेम्युल ड?...

पूरा पढ़ें...

पारस पत्थर

'एक बहुत गरीब आदमी था। अचानक उसे कहीं से पारस-पत्थर मिल गया। बस फिर क्या था! वह किसी भी लोहे की वस्तु को छूकर सोना बना देता। देखते ही देखते वह बहुत धनवान बन ग...

पूरा पढ़ें...

विडम्बना | लघु-कथा

मेरे एक मित्र को जब भी अवसर मिलता है अँग्रेज़ी भाषा व अँग्रेज़ी बोलने वालों को आड़े हाथों लेना नहीं भूलते । 
एक दिन कहने लगे, "यार, तुम अपनी राइटिंग (लेखन) ...

पूरा पढ़ें...

आओ होली खेलें संग

कही गुब्बारे सिर पर फूटे
पिचकारी से रंग है छूटे
हवा में उड़ते रंग

पूरा पढ़ें...

श्रमिक हाइकु

ये मज़दूर
कितने मजबूर
घर से दूर!

पूरा पढ़ें...

प्रोफेसर ब्रिज लाल

प्रोफेसर ब्रिज लाल प्रसिद्ध इंडो-फीजियन इतिहासकार थे। आप लंबे समय से निर्वासन में थे और वर्तमान में ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया के निवासी थे।
प्रोफेसर ब्रि...

पूरा पढ़ें...

कलयुग | मुक्तक

कलयुग में पाई है बस यही शिक्षा
हर बात पर मांगें हैं अग्नि-परीक्षा
बुद्ध भी अगर आज उतरें धरा पर

पूरा पढ़ें...

कंगारू के पेट की थैली

बहुत पुरानी बात है। उस समय कंगारू के पेट पर थैली नहीं होती थी। विज्ञान इस बारे में जो भी कहे लेकिन इस बारे में ऑस्ट्रेलिया में एक रोचक लोक-कथा है। बहुत पहल?...

पूरा पढ़ें...

हिंदी पर दोहे

बाहर से तो पीटते, सब हिंदी का ढोल।
अंतस में रखते नहीं, इसका कोई मोल॥ 
एक बरस में आ गई, हमको हिंदी याद।

पूरा पढ़ें...

वो था सुभाष, वो था सुभाष

वो भी तो ख़ुश रह सकता था
महलों और चौबारों में।
उसको लेकिन क्या लेना था,

पूरा पढ़ें...

तेरी मरज़ी में आए जो

तेरी मरज़ी में आए जो, वही तो बात होती है
कहीं पर दिन निकलता है, कहीं पर रात होती है
कहीं सूखा पड़ा भारी, कहीं बरसात होती है

पूरा पढ़ें...

ऐसे थे रहीम

रहीम दान देते समय आँख उठाकर ऊपर नहीं देखते थे। याचक के रूप में आए लोगों को बिना देखे, वे दान देते थे। अकबर के दरबारी कवियों में महाकवि गंग प्रमुख थे। रहीम क...

पूरा पढ़ें...

स्वयं से

आजकल
तुम
धीमा बोलने लगी

पूरा पढ़ें...

फेसबुक बनाम फेकबुक

'फेसबुक' में
'बुक' तो ठीक है, पर...
'फेस'- 'फेक' है,

पूरा पढ़ें...

न्यूज़ीलैंड में हिंदी का भविष्य और भविष्य की हिंदी

लगभग 50 लाख की जनसंख्या वाले न्यूज़ीलैंड में अँग्रेज़ी और माओरी न्यूज़ीलैंड की आधिकारिक भाषाएं है। यहाँ सामान्यतः अँग्रेज़ी का उपयोग किया जाता है।
यद्?...

पूरा पढ़ें...

7 दिसंबर | इतिहास के आईने में

7 दिसंबर | 7 December
इतिहास के गर्भ में प्रत्येक दिन से संबंधित अनेक कहानी, किस्से और प्रसंग छिपे हैं। आइए, जाने क्या हुआ था 7 दिसंबर को! 
7 दिसंबर 1825 - भाँप से चलने ?...

पूरा पढ़ें...

रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड का जीवन परिचय