रेलगाड़ी के इस डिब्बे में वे चार हैं, जबकि मैं अकेला । वे हट्टे-कट्टे हैं , जबकि मैं कमज़ोर-सा । वे लम्बे-तगड़े हैं, जबकि मैं औसत क़द-काठी का । जल्दबाज़ी में ?...
रेल-यात्राओं का भी अपना ही मज़ा है । एक ही डिब्बे में पूरे भारत की सैर हो जाती है । 'आमार सोनार बांग्ला' वाले बाबू मोशाय से लेकर 'बल्ले-बल्ले' वाले सरदारजी तक...
मैं हूँ, कमरा है, दीवारें हैं, छत है, सीलन है, घुटन है, सन्नाटा है और मेरा अंतहीन अकेलापन है। हाँ, अकेलापन, जो अकसर मुझे कटहे कुत्ते-सा काटने को दौड़ता है । पर ?...
यह कहानी सुनने के लिए आपको अपना काम छोड़ कर मेरे साथ रात के नौ बजे नुक्कड़ के ढाबे के भीतरी केबिन में चलना होगा जहाँ इलाक़े के चार-पाँच चोर और पॉकेटमार जमा ...
कहानी की शुरुआत कैसे की जानी चाहिए ? मैं इस कहानी की शुरुआत 'वंस अपान अ टाइम, देयर लिव्ड अ पर्सन नेम्ड गनेशी' वाले अंदाज़ में कर सकता हूँ । या मैं कहानी की शु?...
समुद्र का रंग आकाश जैसा था । वह पानी में तैर रही थी । छप्-छप्, छप्-छप् । उसे तैरना कब आया ? उसने तो तैरना कभी नहीं सीखा । फिर यह क्या जादू था ? लहरें उसे गोद में ?...
बौड़म दास को मैं क़रीब से जानता था । हमारा गाँव चैनपुर भैरवी नदी के किनारे बसा हुआ है । उसके दूसरे किनारे पर बसा है धरहरवा गाँव । साल के बाक़ी समय में यह नद?...
" समय के विराट् वितान में मनुष्य एक क्षुद्र इकाई है । "
--- अज्ञात ।
ध्वस्त मकानों के मलबों में हमें एक छेद में से वह दबी हुई लड़की दिखी। जब खोजी कुत्तों ने उस?...
उन दिनों एक मिशन के तहत हम दोनों को शहर के बाहर एक बंगले में रखा गया था - मुझे और मेरे सहयोगी अजय को। दोपहर में सुनीता नाम की बाई आती थी और वह दोपहर और शाम - दो?...