भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

चतुर्थ विश्व हिंदी सम्मेलन, पोर्ट लुइस, मॉरीशस

रचनाकार: रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)
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चतुर्थ विश्व हिन्दी सम्मेलन | 4th World Hindi Conference, Port Louis, Mauritius

चतुर्थ विश्व हिंदी सम्मेलन 02-04 दिसम्बर, 1993 को  पोर्ट लुइस, मॉरीशस में आयोजित किया गया था।

चतुर्थ विश्व हिंदी सम्मेलन में पारित प्रस्ताव:

  • विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस में स्थापित किया जाए।
  • भारत में अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए।
  • विभिन्न विश्वविद्यालयों में हिंदी पीठ खोले जाएं।
  • भारत सरकार विदेशों से प्रकाशित दैनिक समाचार-पत्र, पत्रिकाएं, पुस्तकें प्रकाशित करने में सक्रिय सहयोग करे।
  • हिंदी को विश्व मंच पर उचित स्थान दिलाने में शासन और जन-समुदाय विशेष प्रयत्न करे।
  • विश्व के समस्त हिंदी प्रेमी अपने निजी एवं सार्वजनिक कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें और संकल्प लें कि वे कम से कम अपने हस्ताक्षरों, निमंत्रण पत्रों, निजी पत्रों और नाम पट्टों में हिंदी का प्रयोग करेंगे।
  • सम्मेलन के सभी प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की सरकारों से संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए समर्थन प्राप्त करने का सार्थक प्रयास करेंगे।

 

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