नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। - गोपाललाल खत्री।

दोहावली

तुलसी दोहावली | Dohavali by Shri Goswami Tulsidas

तुलसीदास कृत 'दोहावली' मुक्तक रचना है। इसमें 573 छंद हैं जिनमें 23 सोरठे व शेष दोहे संगृहित हैं।

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