समस्त आर्यावर्त या ठेठ हिंदुस्तान की राष्ट्र तथा शिष्ट भाषा हिंदी या हिंदुस्तानी है। -सर जार्ज ग्रियर्सन।

तुझे पाती हूं तो जी जाती हूं

तुझे पाती हूं तो जी जाती हूं | Hindi poem by Preeta Vyas

बादल ही क्यों ना फट जाएँ
तेरे पीछे मे रोती भी नहीं
मेरे आंसुओं को भी
तेरी ही
उँगलियों से पुंछने की आदत है।

तुझे पाकर ही छलकता है भरा मन
तुझे पाकर ही टूटता है बाँध
तुझे पाकर ही लौटती है होंठों पर गुनगुनाहट
तुझे पाकर ही खिलती है
उजली धूप से मुस्कान।

तुझसे ही प्राण पाती हैं
मेरी संवेदनाएं
तुझसे ही जागती है मेरी चेतना
तुझे पा लेती हूँ
तो जी जाती हूँ।

-प्रीता व्यास
 न्यूज़ीलैंड

 

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