देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।
तृतीय विश्व हिंदी सम्मेलन, नई दिल्ली, भारत
तृतीय विश्व हिंदी सम्मेलन 28-30 अक्टूबर, 1983 नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया गया था।
तृतीय विश्व हिंदी सम्मेलन में पारित प्रस्ताव:
अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी के प्रचार-प्रसार की संभावनाओं का पता लगा कर इसके लिए गहन प्रयास किए जाएं।
हिंदी के विश्वव्यापी स्वरूप को विकसित करने के लिए विश्व हिंदी विद्यापीठ स्थापित करने की योजना को मूर्त रूप दिया जाए।
विगत दो सम्मेलनों में पारित संकल्पों की संपुष्टि करते हुए यह निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी के विकास और उन्नयन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्थायी समिति का गठन किया जाए। इस समिति में देश-विदेश के लगभग 25 व्यक्ति सदस्य हों।
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)