समस्त आर्यावर्त या ठेठ हिंदुस्तान की राष्ट्र तथा शिष्ट भाषा हिंदी या हिंदुस्तानी है। -सर जार्ज ग्रियर्सन।

तेरे भीतर अगर नदी होगी | ग़ज़ल

तेरे भीतर अगर नदी होगी | शैल चतुर्वेदी की ग़ज़ल

तेरे भीतर अगर नदी होगी
तो समंदर से दोस्ती होगी

कोई खिड़की अगर खुली होगी
तो खयालों में ताज़गी होगी

भीड़ में जिसको भूल बैठा है
याद कर तेरी जिंदगी होगी

दिल को जलने दे और जलने दे
आग होगी तो रोशनी होगी

लोग आपस में प्यार बाँटेंगे
'शैल' वो कौन-सी सदी होगी

-शैल चतुर्वेदी

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