यहाँ भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन से जुड़े संस्मरणों व प्रेरक-प्रसंगों को संकलित किया गया है। शास्त्रीजी निसंदेह, 'सादा जीवन, उच्च विचार' वाले व्यक्तित्व के स्वामी थे।
अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल
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