अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

नटखट चिड़िया

नटखट चिड़िया | Natkhat Chidiya - Hindi Bal Kavita by Rohit Kumar Happy

चीं-चीं करके गाती चिड़िया
सबका मन बहलाती चिड़िया।
फुदक-फुदक कर नाचे चिड़िया
मुनिया बैठी बाँचे चिड़िया।

बगिया में जब आती चिड़िया
पके-पके फल खाती चिड़िया।
नीचे आकर दाना चुगती
फिर झट से उड़ जाती चिड़िया।

भोर सबेरे आती चिड़िया
आहट सुन घबराती चिड़िया।
कोई पास अगर जो जाए
पल में फुर्र हो जाती चिड़िया।

-रोहित कुमार 'हैप्पी'
 न्यूज़ीलैंड
 ई-मेल: editor@bharatdarshan.co.nz

 

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।