अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

लकीर छोटी हो गयी

रचनाकार: अकबर बीरबल के किस्से
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लकीर छोटी हो गयी | Akbar Birbal Ke Kisse

Akbar-Birbal

एक दिन अकबर बादशाह ने कागज पर पेंसिल से एक लकीर खींच दी और बीरबल से बोले, 'बीरबल, न तो यह लकीर घटायी ही जाये, न मिटायी जाये किन्तु छोटी हो जाये।'

बीरबल ने फौरन ही लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पेंसिल से उससे बड़ी खींच दी और बोले, 'हुजूर! देखिये, अब आपकी लकीर उससे छोटी हो गयी ।' अकबर बादशाहू यह देखकर बहुत खुश हुए ।

[अकबर-बीरबल]

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