राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिंदी ही जोड़ सकती है। - बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

कुछ हाइकु

कुछ हाइकु | Hiku by Anand Vishvas

मन की बात
सोचो, समझो और
मनन करो।

अपना घर
तन-मन-धन से
स्वच्छ बनाएं।

पानी या खून
हर बूँद अमूल्य
मत बहाओ।

गेंहूँ, जौ, चना
कैसे हो और घना
हमें सोचना।

-आनन्द विश्वास

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।