बलवाई मालिक मकान को बड़ी मुश्किलों से घसीटकर बाहर लाए।
कपड़े झाड़कर वह उठ खड़ा हुआ और बलवाइयों से कहने लगा, "तुम मुझे मार डालो, लेकिन ख़बरदार, जो मेरे रुपए-पैसे को हाथ लगाया...!"
-मंटो
#
Hindi Laghu Katha (Short Story) by Saadat Hasan Manto
सआदत हसन मंटों की लघु-कथाएं
राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)