नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। - गोपाललाल खत्री।

जो पुल बनाएँगें

जो पुल बनाएँगें | A Poem by Ajneya

जो पुल बनाएँगें
वे अनिवार्यत:
पीछे रह जाएँगे
सेनाएँ हो जाएगी पार
मारे जाएँगे रावण
जयी होंगें राम ,
जो निर्माता रहे
इतिहास में
बंदर कहलाएँगे

- अज्ञेय

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