अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

हम दुनिया की शान

हम दुनिया की शान | Hindi Poem by Dr Ramesh Pokhriyal Nishank

हिदुभूमि के निवासी, हम दुनिया की शान हैं।
रंग-रूप सब भिन्न-भिन्न पर
राष्ट्र मन सब एक हैं,
भाव सभी के एक सरीखे
भाषा चाहे अनेक हैं।
हम परहित न्यौछावर होकर जीवन देते दान हैं
हिदुभूमि के निवासी हम दुनिया की शान हैं।

लक्ष्य रहा सर्वोच्च हमारा
और इरादे नेक हैं,
हिद देश के निवासी
हम सभी एक हैं।
हम भारत के मानबिंदु का करते नित सम्मान हैं,
हिदुभूमि के निवासी हम दुनिया की शान हैं।

शक्ति-शील-सौंदर्य लिए
निर्बल को दिया सहारा है,
‘सर्वे भवन्तु सुखिनः' का
रहा हमारा नारा है।
देशहित बलिदान दिए जाने के हमारे गान हैं,
हिदुभूमि के निवासी हम दुनिया की शान हैं।

-रमेश पोखरियाल ‘निशंक'
[मातृभूमि के लिए]

 

 

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।