अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

मुट्ठी भर रंग अम्बर में

मुट्ठी भर रंग अम्बर में | होली गीत | Holi Geet by Rohit Kumar Happy

मुट्ठी भर रंग अम्बर में किसने है दे मारा
आज तिरंगा दीखता है अम्बर मोहे सारा

आज ब्रज बन जाएगा नगर अपना सारा
आज रंगा ले हमसे रे मुखड़ा अपना प्यारा

'बुरा ना मानो होली है' होती आज ठिठोली है
आज ना चलने पाएगा जादू कोई तुम्हारा

देखो आज तो होली है भीगी उसकी चोली है
करते लोग ठिठोली है, डरे मनवा हमारा

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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