देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

हिसाब बराबर

हम फूलों पर सोए
एक दफ़ा
फूल हम पर सोए
एक दफ़ा
हिसाब बराबर।

- दिव्या माथुर

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।