अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

उदयभानु ‘हंस' के हाइकु

उदयभानु ‘हंस' के हाइकु

युवक जागो!
अपना देश छोड़
यूँ मत भागो!

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नारी-जीवन --
कभी मिले सिन्दूर
कभी तन्दूर।

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सब हैरान
क्रिकेट का खेल है 
सोने की खान!

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गुप्त व्यापार
प्रकट हो जाए तो
है भ्रष्टाचार।

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तुम स्वतन्त्र
फिल्मी गानों को सुनों
या वेदमन्त्र।

-डॉ. उदयभानु ‘हंस'

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