विदेशी भाषा के शब्द, उसके भाव तथा दृष्टांत हमारे हृदय पर वह प्रभाव नहीं डाल सकते जो मातृभाषा के चिरपरिचित तथा हृदयग्राही वाक्य। - मन्नन द्विवेदी।

उदयभानु हंस की ग़ज़लें

उदयभानु हंस की ग़ज़लें

उदयभानु हंस का ग़ज़ल संकलन

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।