नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। - गोपाललाल खत्री।

दो बच्चे 

दो बच्चे 

एक बच्चा खेल रहा है 
दूसरा 
खिला रहा है। 

एक 
ले रहा है मजा, 
दूसरा 
घर चला रहा है।

-दिविक रमेश

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