कोई कौम अपनी जबान के बगैर अच्छी तालीम नहीं हासिल कर सकती। - सैयद अमीर अली 'मीर'।

बस बातें ही बातें करते | बाल कविता

रचनाकार: दिविक रमेश
रेटिंग: 5/5 (1 मत)

बस बातें ही बातें करते | बाल कविता

बड़े अजीब मुझे तो लगते 
एक्टर अमिताभ दादा जी।
कम्प्यूटर को समझ आदमी
बातें करते हैं दादा जी।

कौन बनेगा करोड़पति में
बस बातें ही बातें करते
’कम्प्यूटर जी करो लॉक तुम’
बड़े मजे से उससे कहते ।

देख-देख मैंने भी उस दिन
कम्प्यूटर को वही कहा था।
कहां किया कुछ कम्प्यूटर ने
जैसा था बस वही रहा था।

अरे समझ में आया मुझको
क्या जादू तुम दादा करते?
खुद चलाकर कम्प्यूटर को
सब को बुद्धु खूब बनाते!

-दिविक रमेश 

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