यहाँ हरिवंशराय बच्चन की नये वर्ष पर लिखी गई कुछ कविताएं संकलित की हैं। विश्वास है पाठकों को अच्छी लगेंगी।
अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)