देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

दोहावली

तुलसीदास कृत 'दोहावली' मुक्तक रचना है। इसमें 573 छंद हैं जिनमें 23 सोरठे व शेष दोहे संगृहित हैं।

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