देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।
लकीर छोटी हो गयी
एक दिन अकबर बादशाह ने कागज पर पेंसिल से एक लकीर खींच दी और बीरबल से बोले, 'बीरबल, न तो यह लकीर घटायी ही जाये, न मिटायी जाये किन्तु छोटी हो जाये।'
बीरबल ने फौरन ही लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पेंसिल से उससे बड़ी खींच दी और बोले, 'हुजूर! देखिये, अब आपकी लकीर उससे छोटी हो गयी ।' अकबर बादशाहू यह देखकर बहुत खुश हुए ।
[अकबर-बीरबल]
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)