शिक्षा के प्रसार के लिए नागरी लिपि का सर्वत्र प्रचार आवश्यक है। - शिवप्रसाद सितारेहिंद।
तेरा हँसना कमाल था साथी | ग़ज़ल
तेरा हँसना कमाल था साथी
हमको तुमपर मलाल था साथी
दाग चेहरे पे दे गया हमको
हमने समझा गुलाल था साथी
रात में आए तेरे ही सपने
दिन में तेरा ख़याल था साथी
उड़ गई नींद मेरी रातों की
तेरा कैसा सवाल था साथी
करने बैठे थे दिल का वो सौदा
कोई आया दलाल था साथी
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
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