मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।
सुनिए तो - आंकड़े बोलते हैं
इन पृष्ठों में उन तथ्यों को उपलब्ध करवाया जाएगा जो जनहित में हैं और अन्यत्र सरल सुलभ नहीं।
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