मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।
शेखचिल्ली के कारनामें
शेखचिल्ली के किस्से सुनकर जहाँ ज्ञानवर्धक जानकारी मिलती वहीं मनोरंजन भी होता है। शेखचिल्ली के किस्से पिछली कई पीढि़यों से सुने और सुनाये जाते हैं।
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)