देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

साहित्य

जहाँ न हित-उपदेश कुछ, सो कैसा साहित्य?
हो प्रकाश से रहित तो, कौन कहे आदित्य?

- प्रताप नारायण मिश्र [24 सितम्बर, 1856 - 6 जुलाई, 1894]
आधुनिक हिंदी निर्माताओं में से एक थे। आप लेखक, कवि और पत्रकार थे।

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