विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

रूख़ सफ़र का... | ग़ज़ल

रूख़ सफ़र का सुकूं को मोड़ा जाए
ख्वाहिशों को यहीं पे छोड़ा जाए

जिस मुहब्बत का हुस्न तोड़ा गया
उस मोहब्बत का हुस्न जोड़ा जाए

जो नहीं है हमारी चाहत में
उस ताक्कूब में सर ना फोड़ा जाए

वो मुझे ख़्वाब में ही हासिल है
क्या ज़रूरी है ख़्वाब तोड़ा जाए

एक मुद्दत से आंखें गीली हैं
अब के सावन इसे निचोड़ा जाए

-अनन्य राय पराशर

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