विदेशी भाषा के शब्द, उसके भाव तथा दृष्टांत हमारे हृदय पर वह प्रभाव नहीं डाल सकते जो मातृभाषा के चिरपरिचित तथा हृदयग्राही वाक्य। - मन्नन द्विवेदी।
कवि-पत्रकार नीलाभ अश्क नहीं रहे

भारत, 23 जुलाई 2016: हिंदी के वरिष्ठ कवि एवं बीबीसी के पूर्व पत्रकार नीलाभ अश्क का आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे।
श्री नीलाभ अश्क हिंदी लेखक उपेन्द्रनाथ अश्क के बेटे थे। वे पिछले कई वर्षों से दिल्ली में स्वतंत्र लेखन कर रहे थे। इन दिनों वे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) की पत्रिका रंग-प्रसंग का संपादन भी करते थे।
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