देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।
मंत्र
नवनियुक्त क्लर्क हेमराज अपने अन्य बाबूओं की ठाठ-बाठ देख हतप्रभ था और अपनी दीनता पर मायूस।
बड़े बाबू ने उसके कान में एक मंत्र दिया। उस मंत्र का असर ऐसा हुआ कि हेमराज के भी ठाठ-बाठ हो गए। उसने सायकल छोड़ दी। अब वह बाइक से कार्यालय आने लगा।
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)