अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।
लेखक | लघु-कथा
जेबकतरे ने उसकी जेब काटी तो लगा था कि काफी माल हाथ लगा है, भारी जान पड़ती थी।
देखा तो सब के सब कागज़ निकले।
काग़ज़ों पर नजर डाली तो तीन कविताएं, एक कहानी और दो लघु-कथाएं थीं। नोट एक भी न था।
जेबकतरे को लेखक की जेब काटने का पछतावा हो रहा था।
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
संपादक, भारत-दर्शन, न्यूज़ीलैंड
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