राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार
कहावत | लघु-कथा
- कैंची मत बजाओ।
- क्यों?
- कहते हैं लड़ाई हो जाती है।
- पर...
- कहा न मत बजाओ।
- यहाँ और है ही कौन? लड़ाई किससे होगी?
तड़ाक....त...ड़ा...क....
- जवाबतलबी करते हो!
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-रोहित कुमार 'हैप्पी'
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