हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त।
कहावत | लघु-कथा
- कैंची मत बजाओ।
- क्यों?
- कहते हैं लड़ाई हो जाती है।
- पर...
- कहा न मत बजाओ।
- यहाँ और है ही कौन? लड़ाई किससे होगी?
तड़ाक....त...ड़ा...क....
- जवाबतलबी करते हो!
#
-रोहित कुमार 'हैप्पी'
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)