देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

जामुन

पौधा तो जामुन का ही था
लेकिन आये आम
पर जब खाया, तब यह पाया
ये तो है बादाम
जब उनको बोया ज़मीन में
पैदा हुए अनार
पकने पर हो गये संतरे
मैंने खाए चार। 

-श्रीप्रसाद 

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