अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

इश्तिहार | लघु-कथा

"मेरा बहुत सा क़ीमती सामान जिसमें शांति, सद्‌भाव, राष्ट्र-प्रेम, ईमानदारी, सदाचार आदि शामिल हैं - कहीं गुम गया है। जिस किसी सज्जन को यह सामान मिले, कृपया मुझ तक पहुँचाने का कष्ट करे।

आपका अपना,
भारत बनाम हिंदोस्तान "

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- रोहित कुमार 'हैप्पी'
  संपादक, भारत-दर्शन, न्यूज़ीलैंड

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 1

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kuldeep Kumar Suri kuldeepkumarsuri63@gmail.com
11-Nov-2014 16:03
हार्ट टचिंग .

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