मैं नहीं समझता, सात समुन्दर पार की अंग्रेजी का इतना अधिकार यहाँ कैसे हो गया। - महात्मा गांधी।
हिंदी पर कवितांएं
इस पृष्ठ पर विभिन्न हिंसी कवियों की हिंदी पर लिखी कविताएं संकलित की गई हैं जिनमें डा० लक्ष्मीमल्ल सिंघवी, श्रीनिवास, डॉ० इंद्रराज बैद 'अधीर', श्रीमती रेवती, सुनीता बहल, बाबू जगन्नाथ, रघुवीर शरण, राकेश पाण्डेय, राजेश चेतन, जयप्रकाश शर्मा और रोहित कुमार हैप्पी की रचनायें सम्मिलित हैं।
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