हिंदी का काम देश का काम है, समूचे राष्ट्र निर्माण का प्रश्न है। - बाबूराम सक्सेना

दुख अपना हर... | ग़ज़ल

दुख अपना हर किसी को बताने से फ़ायदा 
इस बेकसी को अपना बनाने से फ़ायदा ! 
 
बातें हज़ार उठती हैं एक-एक बात से, 
लेकिन हज़ार बातों में जाने से फ़ायदा ! 
 
उठ और झटक के फेंक दे यह सारे आस्तीं, 
ग़म को जिगर का खून पिलाने से फ़ायदा ! 
 
अपने सिवा तो कोई भी अपना नहीं तेरा, 
'शमशेर' मुफ्त जान खपाने से फ़ायदा !

-शमशेरबहादुर सिंह 
(आकाशवाणी इलाहाबाद से प्रसारित)

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