भाषा का निर्माण सेक्रेटरियट में नहीं होता, भाषा गढ़ी जाती है जनता की जिह्वा पर। - रामवृक्ष बेनीपुरी।

डॉ पिलकेन्द्र अरोरा चर्चित व्यंग्यकार एवं समीक्षक | वीडियो

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