देहात का विरला ही कोई मुसलमान प्रचलित उर्दू भाषा के दस प्रतिशत शब्दों को समझ पाता है। - साँवलिया बिहारीलाल वर्मा।

समकालीन कहानी संकलन

भारत-दर्शन में प्रकाशित समकालीन कहानियों का प्रकाशित व अप्रकाशित संकलन।

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