भाषा का निर्माण सेक्रेटरियट में नहीं होता, भाषा गढ़ी जाती है जनता की जिह्वा पर। - रामवृक्ष बेनीपुरी।

समकालीन कहानी संकलन

भारत-दर्शन में प्रकाशित समकालीन कहानियों का प्रकाशित व अप्रकाशित संकलन।

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