कोई कौम अपनी जबान के बगैर अच्छी तालीम नहीं हासिल कर सकती। - सैयद अमीर अली 'मीर'।

कुछ छोटी कवितायें

मिठास
तुम्हारी मुस्कराहट
की
बिलकुल जैसे
शगुन का
मोतीचूर।

#

टकराते हैं
यादों के बादल
जब-जब,
एक चेहरा
बिजली-सा
कौंध जाता है।

#

वो सारी बातें
जो मैं
कह नहीं सकी तुमसे,
दरअसल
कहने की बातें तो
वही थीं।

#

जीवन में अर्थ
मिले, न मिले
जीवन को
अर्थ मिले।

#

किसने बांटा है
किसका अकेलापन
धोखा है सब।

-प्रीता व्यास
[प्रीता व्यास के फेसबुक से] 

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।