देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

भजन

पथ से भटक गया था राम
नादानी में हुआ ये काम

छोड़ गए सब संगी साथी
संकट में प्रभु तुम लो थाम

तू सबके दुःख हरने वाला
बिगड़े संवारे सबके काम

तेरा हर पल ध्यान धरुं मैं
ऐसा पिला दे प्रेम का जाम

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 2

A
Ankita Roy dreamlandankita.roy@gmail.com
05-Sep-2013 11:35
बहुत ही अच्छी तरह लिखा गया है . मुझे पसंद आया. मेरी सहायता के लिए धन्यवाद.
p
pushpendra singh pushpendras09@gmail.com
16-Feb-2013 17:50
बहुत अच्छी कहानी लगी, पड़ के दिल भर आया.

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