मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।
बकरी
आदर्शों के
मेमनों की
बलि
सारे-आम
हो
रही है,
तभी तो--
गाँधी जी की
बकरी
सुबक-सुबक कर
रो
रही है।
- हलीम आईना
आदर्शों के
मेमनों की
बलि
सारे-आम
हो
रही है,
तभी तो--
गाँधी जी की
बकरी
सुबक-सुबक कर
रो
रही है।
- हलीम आईना
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