राष्ट्रभाषा हिंदी का किसी क्षेत्रीय भाषा से कोई संघर्ष नहीं है।' - अनंत गोपाल शेवड़े

बकरी 

आदर्शों के 
मेमनों की
बलि

सारे-आम 
हो 
रही है,

तभी तो--
गाँधी जी की 
बकरी 

सुबक-सुबक कर 
रो
रही है। 

- हलीम आईना

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