राष्ट्रभाषा हिंदी का किसी क्षेत्रीय भाषा से कोई संघर्ष नहीं है।' - अनंत गोपाल शेवड़े
बादल और बारिश | बाल कविता
बादल गुस्साए थे
लड़ते भिड़ते आये थे
धूम धूम धड़ाम
धूम धूम धड़ाम
बिजली चमकी बार बार
और पानी बरसा मूसलाधार
मुन्नी भागी मम्मी से चिपकी
मुन्ना भागा खिड़की बंद कर दी
- रवि रंजन गोस्वामी
ई-मेल: goswamirr@hotmail.com
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)