यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

बादल और बारिश | बाल कविता

बादल गुस्साए थे
लड़ते भिड़ते आये थे
धूम धूम धड़ाम
धूम धूम धड़ाम
बिजली चमकी बार बार
और पानी बरसा मूसलाधार
मुन्नी भागी मम्मी से चिपकी
मुन्ना भागा खिड़की बंद कर दी


- रवि रंजन गोस्वामी
ई-मेल: goswamirr@hotmail.com

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।