पराधीनता की विजय से स्वाधीनता की पराजय सहस्रगुना अच्छी है। - अज्ञात।

नया वर्ष डॉ० राणा प्रताप गन्नौरी राणा की नव वर्ष पर कविता

नया वर्ष आया नया वर्ष आया,
नया हर्ष लाया नया हर्ष लाया ।

नया साज़ छेड़ें नया गीत गाएं,
गए साल की हैं जो बातें भुलाएं ।

नया हौसला हो नयी हों उमंगें,
ख़्यालों के अन्दर नयी हों तरंगें ।

नए स्वप्न हों कल्पनाएँ नयी हों,
दिशाएँ नई योजनाएं नयी हों ।

नए जोश से काम में मग्न हों हम,
पढ़ाई लिखाई में संलग्न हों हम ।

- डॉ० राणा प्रताप सिंह गन्नौरी

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 1

A
Arun arun.g@gmail.com
13-Jan-2018 11:23
Good collection. Thanks.

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।