रमिंदर कौर वालिया का जीवन परिचय

रचनाकार: भारत-दर्शन

"जब जागो तभी सवेरा – कुछ करने के लिए जोश, जुनून और पैशन होना चाहिए"

नाम: रमिंदर कौर (वालिया)
उपनाम (Pen Name): रमिंदर रम्मी
पिता का नाम: श्री इंदरजीत सिंह अहलूवालिया
माता का नाम: श्रीमती राजिंदर कौर अहलूवालिया
जन्म तिथि: 23 मार्च 1954
जन्म स्थान: अमृतसर, पंजाब (भारत)
वर्तमान निवास: ब्रैम्पटन, कनाडा

शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
शिक्षा: बी.ए. (B.A.), गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब।

प्रारंभिक जीवन: प्राथमिक शिक्षा अमृतसर के इंग्लिश मीडियम स्कूल से हुई। पिता जी के एम.ई.एस. (MES) में होने के कारण शिक्षा पठानकोट और अमृतसर में संपन्न हुई।

रुचि: बचपन से ही साहित्य के प्रति गहरा लगाव। 'ज्ञानी' की समस्त पुस्तकें तथा एम.ए. पंजाबी के पाठ्यक्रम की पुस्तकों सहित धार्मिक साहित्य का गहन अध्ययन किया।

साहित्यिक एवं प्रशासनिक अनुभव
पद: लेखिका, कवयित्री, लेखिका (Author), मीडिया कंसल्टेंट।
संपादन: मुख्य संपादक, ई-मैगज़ीन (साहित्य संझान)।
संस्थापक: संस्थापक और प्रबंधक, इंटरनेशनल साहित्य संझान।
प्रसार: पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति की प्रमोटर।
अन्य: कनाडा से 'पंजाब साहित्य अकादमी' की एसोसिएट मेंबर रहीं तथा कई अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्थाओं में उच्च पदों पर कार्यरत।

सामाजिक एवं धार्मिक योगदान
सेवा: सोशल वर्कर; चंडीगढ़ 'ऑल विमेन सत्संग' की सेक्रेटरी जनरल तथा 'सिख नारी मंच' की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्य किया।

कनाडा प्रवास: वर्ष 2009 में कनाडा आगमन हुआ। 2017 से साहित्यिक गोष्ठियों में सक्रिय हुईं और 43 वर्षों के अंतराल के बाद 2018-19 में पुनः कलम उठाई।

डिजिटल उपस्थिति: 'इंटरनेशनल लिटरेरी एसोसिएशन्स' (WhatsApp ग्रुप) की संस्थापक और एडमिनिस्ट्रेटर।

शौक एवं अभिरुचि
पढ़ना-लिखना, गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा, कीर्तन (पठानकोट में विधिवत प्रशिक्षण), रिपोर्ट लिखना, समाज सेवा, पाक कला (खाना बनाना और खिलाना)।