डॉ गगनदीप सिंह का जीवन परिचय

रचनाकार: भारत-दर्शन

डॉ गगनदीप सिंह
डॉ गगनदीप सिंह (संधू गगन)

डॉ गगनदीप सिंह, जिन्हें साहित्य जगत में 'संधू गगन' के नाम से भी जाना जाता है, समकालीन पंजाबी साहित्य के एक प्रखर हस्ताक्षर हैं। आपने दिल्ली विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग से 'कविता' विषय पर शोध कर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।

साहित्यिक कृतियाँ एवं उपलब्धियाँ
काव्य संग्रह: आपका प्रथम कविता-संग्रह ‘पंजतिले’ (आर.सी. पब्लिशर्स) अत्यधिक चर्चित रहा, जिसके लिए आपको वर्ष 2022 में प्रतिष्ठित ‘साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

आलोचना एवं विमर्श
अपनी मातृभाषा पंजाबी में आलोचना के क्षेत्र में भी आप निरंतर सक्रिय हैं। आपकी पुस्तक ‘परवासी पंजाबी कविता: संवाद दर संवाद’ (सहज पब्लिकेशन्स) कविता के प्रति आपकी विद्वतापूर्ण दृष्टि और गहन समझ को रेखांकित करती है।

अनुवाद कार्य
भाषाई सीमाओं को लांघते हुए आपने कश्मीरी कवि रफ़ीक मसूदी की रचनाओं का पंजाबी में अत्यंत प्रभावी अनुवाद किया है, जो ‘मेरी पीढ़ मेरा बिरहा’ शीर्षक से प्रकाशित है।

संपादकीय एवं शैक्षणिक अनुभव
प्रकाशन: आलोचना और संपादन के क्षेत्र में अब तक आपकी सात पुस्तकें प्रकाशित होकर सुधि पाठकों तक पहुँच चुकी हैं।

अकादमिक
आपने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित माता सुंदरी कॉलेज फॉर विमेन में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं।