
अरविंद तिवारी
जन्म – 01 फ़रवरी 1953, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले में।
व्यंग्य संग्रह
चुनाव टिकट और ब्रह्मा जी (1990), दीवार पर लोकतंत्र (1992), राजनीति में पेटीवाद (1994), मानवीय मंत्रालय (1998, 2001, 2017), नल से निकला साँप (2008), मंत्री की बिंदी (2012), डॉनल्ड ट्रंप की नाक (2019, दो संस्करण), अरविंद तिवारी : संकलित व्यंग्य (2021), पुरस्कार की उठावनी (2021), एक दिन का थानेदार (2022, 2023), लोकतंत्र से टपकता हुआ लोक (2023), अरविंद तिवारी : चयनित व्यंग्य (2023), सदन में हमाम के मज़े (2024)।
व्यंग्य उपन्यास
दीया तले अँधेरा (1997), शेष अगले अंक में (2000), हेड ऑफिस के गिरगिट (2014), लिफ़ाफे में कविता (2021)।
अन्य उपन्यास
पंख वाले हिरण (1998)
काव्य संग्रह
सब जानते हैं (1991), लगे रहो मुन्ना भाई (बाल कविता संग्रह, 2007), महुए की गंध है (गीत संग्रह, 2024)।
अन्य पुस्तकें
शिक्षा विषयक तीन पुस्तकें प्रकाशित—
गणित शिक्षण (2007), शिक्षा के आधुनिक क्षेत्र (2011) तथा हिंदी शिक्षण (2013)।
संपादन
राजस्थान शिक्षा विभाग की मासिक पत्रिका “शिविरा” का 1996 से 1999 तक संपादन।
स्तंभ लेखन
पिछले लगभग 45 वर्षों से विभिन्न अख़बारों और पत्रिकाओं में निरंतर व्यंग्य स्तंभ प्रकाशित। लगभग ढाई वर्षों तक राजस्थान के दैनिक समाचारपत्र “दैनिक नवज्योति” में प्रतिदिन “गई भैंस पानी में” शीर्षक से व्यंग्य स्तंभ लिखा।
पुरस्कार / सम्मान
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से दो बार व्यंग्य का नामित पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का प्रेमचंद पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी का कन्हैयालाल सहल पुरस्कार, किताबघर प्रकाशन का आर्य स्मृति सम्मान, झारखंड का स्पेनिन सम्मान, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का श्रीनारायण चतुर्वेदी साहित्य सम्मान, काव्य ऋषि सम्मान (‘कभी कवि’ समूह), तथा रवींद्रनाथ त्यागी स्मृति व्यंग्य श्री सम्मान (2024)।
संप्रति
शिक्षा विभाग, राजस्थान में डाइट (DIET) के प्राचार्य पद से 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद स्वतंत्र लेखन। पत्र-पत्रिकाओं में नियमित व्यंग्य लेखन। पिछले आठ वर्षों से जनसंदेश टाइम्स समाचारपत्र में प्रत्येक बुधवार व्यंग्य कॉलम लिख रहे हैं।
संपर्क
मेहरा कॉलोनी, शिकोहाबाद
ज़िला फ़िरोज़ाबाद – 283135 (उ.प्र.)
मोबाइल – 9457539172
ईमेल – arvindtiwariskb5@gmail.com
'पोल खुल गई - व्यंग्य' व्यंग्य पढ़ें।